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वक्फ बिल पर ओवैसी का बड़ा हमला जब तक दुनिया है मुसलमान याद रखेंगे


वक्फ बिल पर ओवैसी का बड़ा हमला: ‘जब तक दुनिया है, मुसलमान याद रखेंगे –

वक्फ संपत्तियों पर सरकार की नीयत पर सवाल

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर वक्फ संशोधन बिल को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल मुसलमानों की संपत्तियों, मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों को छीनने की साजिश है।

ओवैसी ने कहा कि सरकार वक्फ से हिबा (दान) को हटाने की बात कर रही है, जिसका मतलब यह होगा कि कोई भी व्यक्ति वक्फ को संपत्ति दान नहीं कर सकेगा। इससे वक्फ की संपत्तियों में बढ़ोतरी रुक जाएगी और धीरेधीरे मौजूदा संपत्तियों पर भी सरकारी दखल बढ़ जाएगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह बिल असंवैधानिक है और मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों का हनन करता है।

नीतीश, चंद्रबाबू और पासवान को दी सख्त चेतावनी

ओवैसी ने विशेष रूप से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान को इस बिल का समर्थन न करने की सलाह दी।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर आपने इस बिल का समर्थन किया, तो भारत के मुसलमान इसे कभी नहीं भूलेंगे। यह ऐतिहासिक गलती होगी, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।

ओवैसी ने कहा कि ये नेता खुद को मुसलमानों का हितैषी बताते हैं, लेकिन अगर वे इस बिल के पक्ष में खड़े होते हैं, तो उनका असली चेहरा सामने आ जाएगा। उन्होंने इन नेताओं से मांग की कि वे संविधान और न्याय के पक्ष में खड़े हों और इस बिल का विरोध करें।

मंदिरोंगुरुद्वारों में बाहरी सदस्य नहीं, फिर वक्फ में क्यों?’

ओवैसी ने सवाल उठाया कि जब गुरुद्वारों और मंदिरों में किसी गैरसिख या गैरहिंदू को समिति का सदस्य नहीं बनाया जा सकता, तो वक्फ में बाहरी लोगों को शामिल करने की बात क्यों की जा रही है?

उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम मुसलमानों की धार्मिक संस्थाओं और संपत्तियों को कमजोर करने की साजिश है।

सरकारी दखल से खत्म हो जाएंगी वक्फ संपत्तियां

ओवैसी ने दावा किया कि इस बिल के जरिए वक्फ बाय यूजर (वक्फ द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली संपत्तियों) की व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने के बाद, अगर किसी संपत्ति को लेकर विवाद होता है, तो कलेक्टर को अधिकार मिल जाएगा कि वह इसे सरकारी संपत्ति घोषित कर सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यह निर्णय हमेशा सरकार के पक्ष में ही होगा, जिससे मुसलमानों की वक्फ संपत्तियां धीरेधीरे खत्म हो जाएंगी।

उन्होंने दिल्ली की 123 वक्फ संपत्तियों का उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार पहले ही इन पर दावा ठोक रही है। अगर यह बिल पास हो गया, तो ऐसी तमाम वक्फ संपत्तियां सरकार के अधीन हो जाएंगी।

मोदी सरकार मुसलमानों की सियासी और मजहबी पहचान छीनना चाहती है

 

ओवैसी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार का असली मकसद सिर्फ वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करना नहीं, बल्कि भारत के मुसलमानों की सियासी और मजहबी पहचान को भी कमजोर करना है।

उन्होंने कहा, “यह बिल सिर्फ एक क़ानूनी बदलाव नहीं है, बल्कि एक गहरी साजिश का हिस्सा है। मोदी सरकार चाहती है कि देश के मुसलमान अपनी धार्मिक और राजनीतिक पहचान खो दें।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जानबूझकर मंदिरों और मस्जिदों के झगड़े बढ़ा रही है, जिससे देश का माहौल खराब हो।

वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा के लिए होगा बड़ा आंदोलन

 

ओवैसी ने एलान किया कि अगर सरकार इस बिल को वापस नहीं लेती, तो पूरे देश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट हों और अपनी धार्मिक संपत्तियों की रक्षा के लिए आगे आएं।

उन्होंने कहा, “हम अपनी मस्जिदें, दरगाहें और कब्रिस्तान किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। यह हमारी धार्मिक विरासत है, जिसे बचाने के लिए हम हरसंभव संघर्ष करेंगे।


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By Pranav Gavhale

मेरा नाम प्रणव गव्हाळे है. मे यह न्यूज नेटवर्क वेबसाईट का 50% का partnerships holder हू. मे काही समय से Digital marketing कर रहा हू ओर इसमे मुझे तीन साल का अनुभव है. ओर मे यह वेबसाईट पर ब्लॉग राइटिंग का काम भी करता हू.

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